|| श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ||
महाराष्ट्र की संत-धरा, शिर्डी की पावन भूमि, इन दिनों आस्था और भक्ति के एक अभूतपूर्व संगम की साक्षी बन रही है। परम पूज्य पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) के श्रीमुख से हो रही श्री शिवमहापुराण कथा का चतुर्थ दिवस आज एक अविस्मरणीय जनसैलाब लेकर आया। 12 से 16 अक्टूबर 2025 तक चलने वाली इस दिव्य कथा के पंडाल में लाखों-लाखों शिवभक्तों ने उपस्थित होकर शिव-महिमा का श्रवण किया और भक्ति के गहन आनंद में गोते लगाए।
शिर्डी बना ‘मिनी कैलाश’
जैसे ही घड़ी ने दोपहर के 01:00 बजने का संकेत दिया, कथा स्थल पर उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें परम पूज्य गुरुदेव की ओर टिकी रहीं। कथा शुरू होते ही, शिर्डी का यह पवित्र मैदान एक क्षण के लिए ‘मिनी कैलाश’ जैसा प्रतीत होने लगा। चारों ओर सिर्फ श्रद्धा और समर्पण का ही साम्राज्य था। सूर्य की किरणों के साथ-साथ, भक्तों के हृदय में शिव-भक्ति का तेज झलक रहा था।
लाखों की संख्या में उमड़े जनसमूह ने यह सिद्ध कर दिया कि महादेव की महिमा और पूज्य गुरुदेव के प्रति उनका विश्वास कितना गहरा है। पंडाल में बैठे हर व्यक्ति की आँखों में एक ही भाव था – शिवकृपा! कथा श्रवण के दौरान, “हर हर महादेव” और “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोषों ने पूरे वातावरण को गूंजायमान कर दिया। यह ध्वनि मात्र एक नारा नहीं थी, बल्कि करोड़ों हृदय की सामूहिक प्रार्थना थी, जिसने शिर्डी की हवा में एक अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया।
शिव विवाह का दिव्य प्रसंग: भक्ति से छलके आँसू
चतुर्थ दिवस की कथा का सबसे भावुक और अलौकिक क्षण रहा – शिव विवाह का दिव्य प्रसंग। जब पूज्य गुरुदेव ने अत्यंत मधुर और हृदयस्पर्शी वाणी में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की कथा का वर्णन किया, तो श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए।
प्रेम, वैराग्य और समर्पण की इस अद्भुत गाथा को सुनकर, भक्तों के नेत्रों से प्रेम और भक्ति के आँसू स्वतः ही छलक पड़े। यह अश्रुधारा केवल पानी नहीं थी, यह उनके हृदय में उमड़ रहे गहन भावों और शिव-पार्वती के प्रति अनन्य भक्ति का प्रकटीकरण था। यह क्षण ऐसा था, जब हर भक्त ने स्वयं को उस दिव्य विवाह के साक्षी के रूप में महसूस किया और जीवन के सबसे बड़े सत्य – प्रेम और त्याग ही जीवन का आधार है – को गहराई से समझा।
पूज्य पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा जी की कथा शैली की विशेषता यह है कि वे शिवमहापुराण के गूढ़ रहस्यों को भी सहज और सरल भाषा में, जीवन के व्यावहारिक उदाहरणों से जोड़कर समझाते हैं। उनके बताए हुए उपाय और जीवन सूत्र, भक्तों को केवल धर्म से नहीं, बल्कि एक सार्थक और सुखी जीवन जीने की दिशा भी देते हैं।
निवेदक और सीधा प्रसारण: घर-घर शिव कथा
यह आयोजन केवल शिर्डी में उपस्थित लोगों के लिए ही नहीं है। श्री विट्ठलेश सेवा समिति के निवेदकत्व में हो रही इस कथा का सीधा प्रसारण पूज्य गुरुदेव पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) के आधिकारिक YouTube एवं Facebook पेज पर प्रतिदिन किया जा रहा है। लाखों भक्त जो कथा स्थल पर नहीं पहुँच पाए हैं, वे भी इस माध्यम से प्रतिदिन दोपहर 01:00 से 04:00 बजे तक शिव-महिमा का श्रवण कर रहे हैं।
इस पुण्य कार्य को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए एक विशेष पहल भी की गई है: 74338 74338 पर मिस कॉल करके भक्त कथा से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Day – 05 | श्री शिव महापुराण कथा | पूज्य पंडित प्रदीप जी मिश्रा | अहिल्यानगर, महाराष्ट्र
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