देवघर में शिवमहापुराण कथा: जय बाबा वैद्यनाथ धाम

देवघर में शिवमहापुराण कथा: जय बाबा वैद्यनाथ धाम (झारखंड)  14 नवम्बर से 20 नवम्बर 2025
|| श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ||

झारखंड की पावन धरा, द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर, इस समय एक अलौकिक, दिव्य और अविस्मरणीय भक्ति-सागर में गोते लगा रहा है। शिवभक्तों की आस्था, उत्साह और अटूट विश्वास से देवघर नगरी का कण-कण पुलकित हो उठा है। इसका कारण है— अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता, भागवत भूषण, परम पूज्य पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा जी (सीहोर वाले) के पावन मुखारविंद से आयोजित हो रही श्रीमद् शिवमहापुराण कथा का भव्य आयोजन।

देवघर में शिवमहापुराण कथा: जब बाबा वैद्यनाथ धाम

श्री विठ्ठलेश सेवा समिति, सीहोर के पावन तत्वावधान में, 14 नवम्बर से 20 नवम्बर 2025 तक यह सात दिवसीय कथा, कोठिया, दर्दमारा के समीप, सुल्तानगंज रोड, देवघर स्थित विशाल कथा पंडाल में चल रही है। दोपहर 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक चलने वाली यह कथा केवल देवघर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बन गई है।

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पूज्य गुरुदेव का देवघर आगमन: का अभिषेक

कथा के शुभारंभ से एक दिन पूर्व, पूज्य गुरुदेव पंडित श्री प्रदीप मिश्र जी एवं पूज्य गुरु माँ का देवघर में आगमन हुआ। उनका पहला पड़ाव था— श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर (बाबा बैद्यनाथ धाम)। कथा की सफलता और विश्व कल्याण की कामना के साथ उन्होंने विधिवत रूप से अभिषेक एवं पूजा-अर्चना सम्पन्न की।

पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा जी

शिवमय हुई देवघर नगरी: कथा से पूर्व का दिव्य दृश्य

कथा के आधिकारिक आरंभ से पहले की रात्रि का दृश्य अत्यंत दिव्य और भक्तिमय था। पूरा कथा पंडाल, जो कोठिया दर्दमारा के समीप अस्थाई बस पड़ाव में स्थापित किया गया है, लाखों श्रद्धालु शिवभक्तों से भर गया।

भक्तों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कथा के लिए बनाए गए विशाल पंडाल के बाहर भी दूर-दूर तक भक्तों की भीड़ है। यातायात और प्रबंधन के लिए प्रशासन को विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ी हैं, जो इस आयोजन की भव्यता को दर्शाती हैं।

  • महिलाओं ने भजन-कीर्तन में निभाई मुख्य भूमिका: हजारों महिलाएँ भावपूर्वक भजनों में लीन थीं। उनके मधुर कंठ से निकलने वाले कीर्तन ने पूरे वातावरण में एक अद्भुत शांति और भक्ति का संचार कर दिया।
  • आनंद और भक्ति का नृत्य: युवा भक्तगण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और सुमधुर संगीत पर नृत्य करते दिखाई दिए, जो उनकी शिव के प्रति गहरी श्रद्धा को प्रकट करता था।
  • सर्वत्र एक ही स्वर: देवघर नगरी के कण-कण में, गलियों से लेकर कथास्थल तक आज केवल एक ही स्वर गूंज रहा है— “हर हर महादेव!”

यह दृश्य स्पष्ट करता है कि शिवमहापुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक महाकुंभ है, जहां हर आयु, वर्ग और स्थान के लोग केवल भोलेनाथ के नाम में लीन होने आए हैं।

शिवमहापुराण कथा: जीवन के रहस्यों का उद्घाटन

पंडित श्री प्रदीप जी मिश्र जी की कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला, परिवार के महत्व और एक लोटा जल से भगवान शिव को प्रसन्न करने के सरल मार्ग को जानने का माध्यम है। अपनी कथाओं के माध्यम से वे जन-जन तक यह संदेश पहुंचाते हैं कि:

  • सरल भक्ति का मार्ग: भगवान शिव सबसे सरल और सहज तरीके से प्रसन्न होने वाले देवता हैं। एक लोटा शुद्ध जल और निर्मल मन से किया गया स्मरण ही उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पर्याप्त है।
  • पारिवारिक मूल्यों पर जोर: वे अक्सर परिवार, माता-पिता और पति-पत्नी के संबंधों के महत्व पर प्रकाश डालते हैं, और बताते हैं कि शिव की भक्ति कैसे पारिवारिक समस्याओं का समाधान कर सकती है।
  • कर्म और विश्वास: ‘एक लोटा जल’ के पीछे उनका संदेश यह भी है कि जीवन में किए गए कर्म ही सबसे बड़े होते हैं, और महादेव में अटूट विश्वास हर विपत्ति से पार लगाता है।
  • निंदा से मुक्ति: उनकी कथा में निंदा करने वाले लोगों के लिए भी एक विशेष संदेश होता है, जहां वे बताते हैं कि निंदक व्यक्ति अनजाने में निंदा किए गए व्यक्ति के पापों का बोझ अपने ऊपर ले लेता है। यह सीख हमें सकारात्मकता और विनम्रता की ओर प्रेरित करती है।

घर बैठे कथा का दिव्य लाभ

जो शिवभक्त देवघर नहीं पहुंच पाए हैं, उनके लिए भी इस पावन कथा का दिव्य लाभ प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है।

  • सीधा प्रसारण: कथा का सीधा प्रसारण पूज्य पंडित श्री प्रदीप जी मिश्र जी (सीहोर वाले) के YouTube चैनल एवं Facebook पेज पर लाइव उपलब्ध है।
  • जुड़ने का माध्यम: आप मिस कॉल के माध्यम से भी समिति से जुड़ सकते हैं। मिस कॉल करें: 74338 74338

प्रदीप मिश्रा जी के भजन लिरिक्स

  1. ओ डमरू वाले ओ काशी वाले लिरिक्स
  2. कब से खड़े है झोली पसार क्यों ना सुने तु मेरी पुकार लिरिक्स
  3. शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा लिरिक्स
  4. तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं लिरिक्स
  5. शंभू शरणे पड़ी मांगू घड़ी रे घड़ी दुख काटो लिरिक्स
  6. डमरू वाले आजा तेरी याद सताए लिरिक्स
  7. लुटा दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
  8. अब दया करो हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में लिरिक्स
  9. पशुपति व्रत संपूर्ण विधि – पंडित प्रदीप मिश्रा
  10. दिल तुझको दिया ओ भोले नाथ लिरिक्स
  11. जो शिव नाम होठों पे चढ़ गया रे लिरिक्स
  12. शिव के सिवा कहीं दिल ना लगाना लिरिक्स
  13. तुम आना भोले बाबा मेरे मकान में लिरिक्स