श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य आयोजन: जशपुर, छत्तीसगढ़ 21 मार्च 2025

श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य आयोजन: जशपुर, छत्तीसगढ़ 21 मार्च 2025

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की अद्भुत अनुभूति के लिए श्री विट्ठलेश सेवा समिति, सीहोर द्वारा एक भव्य आयोजन किया जा रहा है। 21 मार्च 2025 से 27 मार्च 2025 तक जशपुर, छत्तीसगढ़ में श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य आयोजन होगा। इस दिव्य आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा व्यास परम पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) अपनी अमृतमयी वाणी से भक्तों को शिव महिमा का श्रवण कराएँगे।

शिवमहापुराण कथा का महत्व

शिवमहापुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव के जीवन, लीलाओं और उपदेशों का विशद वर्णन है। यह कथा मोक्ष का मार्ग दिखाने के साथ-साथ जीवन के हर संघर्ष में सफलता का आधार भी है।

शिवमहापुराण के श्रवण से:

  • सभी कष्टों का निवारण होता है।
  • मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस कथा में भगवान शिव के रुद्र रूप, अर्द्धनारीश्वर स्वरूप, नटराज की तांडव लीला और 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन किया जाएगा।

कथा के विशेष आकर्षण

1. विशिष्ट वक्ता:

परम पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी की कथा शैली अद्भुत है। उनकी मधुर वाणी श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करती है। उन्होंने देश-विदेश में अपनी कथा के माध्यम से लाखों शिव भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया है।

श्री शिवमहापुराण कथा: जशपुर, छत्तीसगढ़ | 21-27 मार्च 2025

2. भव्य आयोजन स्थल:

जशपुर में एक विशाल पंडाल सजाया जाएगा, जहाँ हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर कथा श्रवण का लाभ उठा सकेंगे।

3. सीधा प्रसारण:

जो भक्त कथा स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकते, वे पंडित प्रदीप मिश्रा जी के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर इसका सीधा प्रसारण देख सकते हैं।

4. निशुल्क सेवा:

यह आयोजन पूरी तरह से निशुल्क है ताकि हर वर्ग के लोग इसमें भाग लेकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम की जानकारी

  • दिनांक: 21 मार्च 2025 (शुक्रवार) से 27 मार्च 2025 (गुरुवार) तक
  • समय: प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक
  • स्थान: जशपुर, छत्तीसगढ़

यूट्यूब लिंक: Pandit Pradeep Mishra Official YouTube Channel
फेसबुक पेज: Pandit Pradeep Mishra Facebook Page

श्री शिवमहापुराण कथा: जशपुर, छत्तीसगढ़ | 21-27 मार्च 2025
संपर्क: मिस्ड कॉल दें 7433874338 पर या श्री विट्ठलेश सेवा समिति से सीधे जुड़ें।

🙏 क्यों आएँ इस कथा में?

  • आध्यात्मिक शांति: शिव कथा के माध्यम से मन की अशांति दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • पापों का नाश: शास्त्रों के अनुसार, शिवमहापुराण के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।
  • जीवन समस्याओं का समाधान: भगवान शिव की कृपा से घर-परिवार, स्वास्थ्य और आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है।
  • सांस्कृतिक अनुभव: भजन, कीर्तन और आरती के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अनुभव किया जा सकेगा।
  • सामुदायिक एकता: हजारों भक्तों के साथ कथा श्रवण करने से सामाजिक सौहार्द बढ़ता है।

🎥 ऑनलाइन कैसे जुड़ें?

यदि आप भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, तो भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। इस कथा का सीधा प्रसारण यूट्यूब और फेसबुक पर किया जाएगा।

 

तैयारी कैसे करें?

  • अपने परिवार और मित्रों को इस कथा के बारे में सूचित करें।
  • प्रसारण के लिए यूट्यूब चैनल को अभी से सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएँ।
  • कथा के दौरान शुद्ध आसन पर बैठकर श्रद्धा से श्रवण करें।

🌟 पंडित प्रदीप मिश्रा: एक परिचय

श्री शिव सेवा महापुराण कथा त्रिवेणी संगम महाकुंभ प्रयागराज 2025

पंडित प्रदीप मिश्रा जी भारत के प्रसिद्ध कथा वाचकों में से एक हैं। उनकी कथाएँ केवल धार्मिक उपदेश नहीं देतीं, बल्कि वे जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को सरल उदाहरणों द्वारा समझाते हैं। उन्होंने रामायण, भागवत और शिवमहापुराण कथाओं के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को प्रकाशित किया है। उनकी वाणी भक्तों को भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर अग्रसर करती है।

📍 जशपुर, छत्तीसगढ़: एक पवित्र स्थल

जशपुर छत्तीसगढ़ राज्य का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण इस कथा के अनुभव को और भी अधिक विशेष बना देगा।

जशपुर, छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल

जशपुर, छत्तीसगढ़ का एक खूबसूरत जिला है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। यहां कई दर्शनीय स्थल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। आइए जानते हैं जशपुर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में:

Official Website : https://jashpur.nic.in/en/tourist-places/

1. कैलाश गुफा

कैलाश गुफा एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जो अपने अद्भुत शिल्पकला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। गुफा के अंदर शिवलिंग स्थापित है, जो भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है।

2. राजपुरी जलप्रपात

यह जलप्रपात अपनी ऊंचाई और खूबसूरत दृश्य के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यह जगह बेहद आकर्षक लगती है, जहां प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफी के शौकीन अक्सर आते हैं।

3. दनगिरी पर्वत

यह पर्वत धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां स्थित शिव मंदिर और शांत वातावरण पर्यटकों को मानसिक शांति प्रदान करता है।

4. खुटगांव हिल्स

यह स्थान ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए बेहतरीन है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य देखने लायक होता है।

5. बघईबहरा जलप्रपात

यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच स्थित है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

6. रानीदाह जलप्रपात

यह जलप्रपात अपनी साफ-सुथरी धाराओं और हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां का शांत माहौल पर्यटकों को सुकून का अनुभव कराता है।

7. गुल्लू जलप्रपात

यह जलप्रपात रोमांचक ट्रेकिंग और प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले पर्यटक खूबसूरत पिकनिक का आनंद भी उठा सकते हैं।

8. कंदाडर जलप्रपात

यह जलप्रपात अपनी विशाल ऊंचाई और आकर्षक दृश्य के लिए जाना जाता है। यहां का माहौल बेहद शांत और मनोरम होता है।

9. माईकाला पर्वत श्रृंखला

यह पर्वत श्रृंखला अपने हरियाली भरे जंगलों, जीव-जंतुओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां ट्रेकिंग और एडवेंचर के शौकीन बड़ी संख्या में आते हैं।

10. पत्थलगांव

यह क्षेत्र अपने सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां के मंदिर और स्थानीय मेले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

जशपुर जिले का प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बनाता है। यहां घूमने के दौरान आपको प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जो आपके सफर को यादगार बना देगा।

📣 आपसे अनुरोध!

इस पावन कथा का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। अपने परिवार, मित्रों और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करें। यदि आप जशपुर आ सकते हैं, तो स्वयं उपस्थित होकर कथा का पुण्य लाभ उठाएँ।

मिस्ड कॉल देकर 7433874338 पर अपना रजिस्ट्रेशन पक्का करें।

शिवमहापुराण कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर है। आइए, हम सब मिलकर भगवान शिव के चरणों में भक्ति का संकल्प लें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को पवित्र बनाएँ।

“जय भोलेनाथ! हर-हर महादेव!”